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'तुम बिल्कुल पागल हो, अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते', ट्रंप ने दोस्त नेतन्याहू को क्यों सुनाई खरी खोटी

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jun 02, 2026 07:46 am IST,  Updated : Jun 02, 2026 07:54 am IST

कभी नेतन्याहू को बेस्ट फ्रेंड बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को खूब खरी खोटी सुनाई है। जानें उन्होंने क्या कहा है?

डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में इजरायल की बढ़ती हिंसा को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जमकर खरी खोटी सुनाई है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, फोन पर ट्रंप ने नेतन्याहू को "पागल" तक कह दिया और उन पर कृतघ्नता का आरोप लगाया। अमेरिकी अधिकारियों और फोन कॉल की जानकारी रखने वाले एक तीसरे सूत्र का हवाला देते हुए, एक्सियोस ने बताया कि ट्रंप ने बेरूत पर हमले की इजरायली योजना पर भी रोक लगा दी है। उन्होंने कथित तौर पर इजरायली नेता से कहा कि लेबनानी राजधानी पर बमबारी की इजरायली धमकियां दुनिया भर में इजरायल को और अलग-थलग कर देंगी।

ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को सुनाई खरी खोटी

ट्रंप ने फोन कॉल कर नेतन्याहू को खूब खरी खोटी सुनाई और साथ यही यह भी दावा किया कि उन्होंने नेतन्याहू को जेल जाने से बचाने में मदद की थी। ट्रंप का  यह इजरायली नेता नेतन्याहू के भ्रष्टाचार मुकदमे के दौरान उनके समर्थन का संदर्भ था। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, "तुम बिलकुल पागल हो। अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से हर कोई इज़राइल से नफरत करता है।" हालांकि, एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जनवरी में सत्ता में लौटने के बाद से ट्रम्प की नेतन्याहू के साथ यह सबसे खराब बातचीत में से एक थी।

ट्रंप ने क्यों नेतन्याहू को डांट लगाई

एक सूत्र के मुताबिक, एक मौके पर ट्रंप नेतन्याहू पर भड़क गए और उनसे पूछा, "तुम ये सब क्या कर रहे हो?" यह हिंसा मध्य पूर्व संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को खतरे में डाल सकती है। सूत्रों ने बताया कि ट्रंप को हाल के दिनों में लगा कि नेतन्याहू जरूरत से ज्यादा आक्रामक रुख अपना रहे हैं। बेरुत पर धमकियों के अलावा, इजरायल दक्षिणी लेबनान में भी अपना जमीनी अभियान बढ़ा रहा है। खबरों के मुताबिक ट्रंप इस बात से नाराज थे कि लेबनान में आक्रामक रुख अपनाने के नेतन्याहू के फैसले से ईरान के साथ उनकी बातचीत खतरे में पड़ रही थी।

अमेरिकी सूत्रों ने एक्सियोस को बताया कि राष्ट्रपति को बहुत सारे लेबनानी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता थी और उन्होंने एक हिजबुल्लाह कमांडर को खत्म करने के लिए इमारतों को गिराने की इजरायली योजना का विरोध किया था। फोन कॉल के बाद, एक इजरायली अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि यहूदी देश अब बेरुत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है।

यह अमेरिकी और इजरायली नेताओं के बीच पहला मतभेद नहीं है। ट्रम्प और नेतन्याहू के बीच दशकों पुराना जटिल रिश्ता है, जिसमें सार्वजनिक रूप से मजबूत सहमति और निजी तौर पर गहरे तनाव के दौर आते रहे हैं। अतीत में, दोनों नेताओं के बीच कई तनावपूर्ण बातचीत हुई हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने ईरान और अन्य मुद्दों पर मिलकर काम किया है।

 

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